STET, BPSC, NET संगीत प्रश्न संग्रह अभ्यास सेट 12
(कुल 80 प्रश्न)
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नाट्यशास्त्र के किस अध्याय में रस तथा भाव का वर्णन मिलता है?
17वाँ
6ठा और 7वाँ
9वाँ और 10वाँ
उपर्युक्त में से एक से अधिक
उपर्युक्त में से कोई नहीं
1
भरत मुनि कृत ‘नाट्यशास्त्र’ (Nātya Shāstra) के 6ठे अध्याय में 'रस' (Rasa) और 7वें अध्याय में 'भाव' (Bhāva) का वर्णन मिलता है।
दादरा गायन शैली में किस रस की प्रधानता होती है?
भक्ति रस
वीर रस
श्रृंगार रस
उपर्युक्त में से एक से अधिक
उपर्युक्त में से कोई नहीं
2
दादरा (Dadrā) एक उपशास्त्रीय गायन शैली है, जिसमें मुख्य रूप से शृंगार रस (Śṛṅgāra Rasa) की प्रधानता होती है।
इनमें से किस ताल में ‘खाली’ नहीं होती?
चारताल
रूपक ताल
धमार ताल
उपर्युक्त में से एक से अधिक
उपर्युक्त में से कोई नहीं
4
दिए गए सभी तालों में ‘खाली’ (Khali) होती है। रूपक ताल की पहली मात्रा पर खाली होती है, और चारताल (12 मात्रा) और धमार ताल (14 मात्रा) दोनों में खाली होती है। अतः 'उपर्युक्त में से कोई नहीं' सही है।
‘नोम-तोम’ आलाप किस गायन शैली में प्रमुख है?
धमार
ध्रुपद
टप्पा
उपर्युक्त में से एक से अधिक
उपर्युक्त में से कोई नहीं
1
‘नोम-तोम’ (Nom-Tom) आलाप ध्रुपद (Dhrupad) गायन शैली का एक महत्वपूर्ण और विशिष्ट अंग है।
घग्घे ख़ुदा बख्श के गुरु कौन थे?
नत्थन पीर बख्श
विष्णु दिगंबर पलुस्कर
दबीर खाँ
उपर्युक्त में से एक से अधिक
उपर्युक्त में से कोई नहीं
0
घग्घे ख़ुदा बख्श (Ghagge Khuda Baksh) ग्वालियर घराना के गायक थे, और उनके गुरु नत्थन पीर बख्श थे।
आगरा घराने का संबंध ध्रुपद की किस वाणी से माना जाता है?
डागुर वाणी
नौहार वाणी
खंडार वाणी
उपर्युक्त में से एक से अधिक
उपर्युक्त में से कोई नहीं
1
आगरा घराना का संबंध ध्रुपद की नौहार वाणी (Nauhar Vāṇi) से माना जाता है।
रस के आधार पर ‘स्थायी भाव’ कितने बताए गए हैं?
9
7
8
उपर्युक्त में से एक से अधिक
उपर्युक्त में से कोई नहीं
2
भरत मुनि के ‘नाट्यशास्त्र’ के अनुसार 8 रस और 8 स्थायी भाव बताए गए हैं।
घग्घे ख़ुदा बख्श के पुत्र का नाम—
सोरी मियाँ
मुनव्वर अली खाँ
गुलाम अब्बास खाँ
उपर्युक्त में से एक से अधिक
उपर्युक्त में से कोई नहीं
2
घग्घे ख़ुदा बख्श के पुत्र का नाम गुलाम अब्बास खाँ था।
स्वरों के साथ उत्पन्न सहायक नाद को क्या कहते हैं?
स्वयंभू स्वर
विकृत स्वर
शुद्ध स्वर
उपर्युक्त में से एक से अधिक
उपर्युक्त में से कोई नहीं
0
स्वरों के साथ उत्पन्न होने वाले सहायक नाद को स्वयंभू स्वर (Swayambhu Swara) या ओवरटोन (Overtone) कहते हैं।
‘जौहर-ए-मौसीकी’ पुस्तक के लेखक—
बुँदू खाँ
फ़ैयाज़ खाँ
मोहम्मद रज़ा
उपर्युक्त में से एक से अधिक
उपर्युक्त में से कोई नहीं
0
‘जौहर-ए-मौसीकी’ (Jauhar-e-Mausiqi) पुस्तक के लेखक उस्ताद बुँदू खाँ (Bundu Khan) हैं।
संगीत में “ॐ” ध्वनि को क्या संज्ञा दी गई है?
ब्रह्मनाद
प्रवजनाद
विकृत नाद
उपर्युक्त में से एक से अधिक
उपर्युक्त में से कोई नहीं
0
भारतीय संगीत में "ॐ" (Om) ध्वनि को ब्रह्मनाद या अनाहत नाद (Anahata Naad) की संज्ञा दी गई है।
आसफ़-उद्दौला के दरबारी गायक—
मियाँ तानसेन
सोरी मियाँ
अमीर खुसरो
उपर्युक्त में से एक से अधिक
उपर्युक्त में से कोई नहीं
1
मियाँ सोरी (Shori Miyan) या गुलाम नबी ख़ान लखनऊ के नवाब आसफ़-उद्दौला (Asaf-ud-Daula) के दरबारी गायक थे।
‘विखृष्ट स्वर’ से अभिप्राय—
उच्च स्वरों में गायन
मध्य स्वरों में गायन
मंद्र स्वरों में गायन
उपर्युक्त में से एक से अधिक
उपर्युक्त में से कोई नहीं
0
‘विखृष्ट स्वर’ (Vikhrishta Swara) का अभिप्राय तार सप्तक के स्वरों से होता है, यानी उच्च स्वरों में गायन।
सर्वप्रथम ‘विकृत स्वर’ का प्रयोग किसने किया?
भरत
शारंगदेव
अहोबल
उपर्युक्त में से एक से अधिक
उपर्युक्त में से कोई नहीं
1
भरत मुनि ने ‘विकृत स्वर’ नाम नहीं दिया था, बल्कि ‘अन्तर गान्धार’ और ‘काकली निषाद’ का उल्लेख किया था। ‘विकृत स्वर’ नाम सर्वप्रथम शारंगदेव (Sharngadeva) ने ‘संगीत रत्नाकर’ में दिया।
बलराम पाठक ‘तरफ़’ के तार हेतु किस नंबर का तार प्रयोग करते थे?
000
12
00
उपर्युक्त में से एक से अधिक
उपर्युक्त में से कोई नहीं
2
बलराम पाठक (Balaram Pathak) ‘तरफ़’ (Tarab) के तार हेतु 00 नंबर का तार प्रयोग करते थे।
‘चौगुन’ लयकारी में एक मात्रा में कितनी गणनाएँ आती हैं?
4
12
48
उपर्युक्त में से एक से अधिक
उपर्युक्त में से कोई नहीं
0
‘चौगुन’ (Chaugun) लयकारी का अर्थ है 4 गुना। इसमें एक मात्रा में 4 गणनाएँ (बोल) आती हैं।
कौन-सा कथन सही है?
झपताल 10 मात्रा का है
चारताल में एक ‘खाली’ होती है
धमार ताल के पाँच विभाग हैं
उपर्युक्त में से एक से अधिक
उपर्युक्त में से कोई नहीं
0
झपताल (Jhaptal) 10 मात्रा का ताल है (2-3-2-3)। चारताल में 2 खाली (5 और 11) होती है। धमार ताल में 4 विभाग (5-2-3-4) होते हैं। अतः केवल कथन (A) सही है।
गीत के किस भाग को ‘आभोग’ कहा जाता है?
2
1
4
उपर्युक्त में से एक से अधिक
उपर्युक्त में से कोई नहीं
2
गीत की अंतिम या चौथी कड़ी को आभोग (Ābhoga) कहा जाता है। (ध्रुपद/ख्याल में स्थायी, अंतरा, संचारी, आभोग)।
रूपक ताल का छन्द-रूप—
2|2|3
2|3|3
3|2|2
उपर्युक्त में से एक से अधिक
उपर्युक्त में से कोई नहीं
2
रूपक ताल (Rupak Taal - 7 मात्रा) का छन्द-रूप (तालियाँ-खाली) 3|2|2 होता है। (विभाग: 3, 2, 2)।
यह कौन-सी ताल है: “ती ती ना | धी ना | धी ना”
दादरा ताल
रूपक ताल
रुद्र ताल
उपर्युक्त में से एक से अधिक
उपर्युक्त में से कोई नहीं
1
“ती ती ना | धी ना | धी ना” रूपक ताल (Rupak Taal - 7 मात्रा) का ठेका है।
गायन के साथ-साथ बजाया जाने वाला वाद्य—
सितार
शहनाई
सारंगी
उपर्युक्त में से एक से अधिक
उपर्युक्त में से कोई नहीं
2
सारंगी (Sarangi) एक तत् वाद्य है जो गायन के साथ संगत (Accompaniment) के लिए बजाया जाता है।
राग ‘मुल्तानी’ की जाति—
औडव–षाडव
षाडव–संपूर्ण
औडव–संपूर्ण
उपर्युक्त में से एक से अधिक
उपर्युक्त में से कोई नहीं
2
राग मुल्तानी (Multani) की जाति आरोह में 5 स्वर (औडव) और अवरोह में 7 स्वर (संपूर्ण) है।
ठुमरी गायन में प्रचलित ताल—
दीपचंदी
झाँझर/चांचर
झपताल
उपर्युक्त में से एक से अधिक
उपर्युक्त में से कोई नहीं
3
ठुमरी (Thumri) गायन में दीपचंदी (Deepchandi), झाँझ/चांचर (Chanchar) और दादरा (Dadra) ताल प्रचलित हैं। अतः 'उपर्युक्त में से एक से अधिक' सही है।
राग ‘मियाँ मल्हार’ के अवरोह में वर्जित स्वर—
ग
सा
म
उपर्युक्त में से एक से अधिक
उपर्युक्त में से कोई नहीं
0
राग मियाँ मल्हार (Miyan Malhar) के अवरोह में ऋषभ (रे) और पंचम (प) के साथ-साथ गांधार (ग) भी वर्जित माना जाता है। (दिए गए उत्तर के अनुसार ग)।
तीनताल के तीन आवर्तन में कुल मात्राएँ—
16
48
32
उपर्युक्त में से एक से अधिक
उपर्युक्त में से कोई नहीं
1
तीनताल (Tintal) 16 मात्रा का ताल है। तीन आवर्तन (Cycles) में कुल मात्राएँ: 16 x 3 = 48 मात्राएँ।
धमार ताल का छन्द-रूप—
2|3|2|3
5|2|3|4
3|2|2
उपर्युक्त में से एक से अधिक
उपर्युक्त में से कोई नहीं
1
धमार ताल (Dhamar Taal - 14 मात्रा) का छन्द-रूप (विभागों का क्रम) 5|2|3|4 है।
अमीनुद्दीन डागर किस शैली के गायक हैं?
ठुमरी
ध्रुपद
खयाल
उपर्युक्त में से एक से अधिक
उपर्युक्त में से कोई नहीं
1
उस्ताद अमीनुद्दीन डागर (Aminuddin Dagar) डागर घराने के ध्रुपद (Dhrupad) गायक थे।
पं. शिवकुमार शर्मा के पिता—
उमा दत्त शर्मा
पं. रविशंकर
कृष्णराव शंकर पंडित
उपर्युक्त में से एक से अधिक
उपर्युक्त में से कोई नहीं
0
पं. शिवकुमार शर्मा (Shivkumar Sharma) के पिता पं. उमा दत्त शर्मा थे।
अमजद अली खाँ क्या बजाते हैं?
शहनाई
तबला
सरोद
उपर्युक्त में से एक से अधिक
उपर्युक्त में से कोई नहीं
2
उस्ताद अमजद अली खाँ (Amjad Ali Khan) प्रसिद्ध सरोद (Sarod) वादक हैं।
भारत रत्न पाने वाले संगीतज्ञ—
एम. एस. सुब्बुलक्ष्मी
भूपेन हजारिका
भीमसेन जोशी
उपर्युक्त में से एक से अधिक
उपर्युक्त में से कोई नहीं
3
एम. एस. सुब्बुलक्ष्मी, भूपेन हजारिका और भीमसेन जोशी तीनों ही भारत रत्न (Bharat Ratna) से सम्मानित संगीतज्ञ हैं। अतः 'उपर्युक्त में से एक से अधिक' सही है।
पंडित दामोदर ने कितने स्वर माने हैं?
19
29
14
उपर्युक्त में से एक से अधिक
उपर्युक्त में से कोई नहीं
1
पंडित दामोदर (Damodar) ने अपने ग्रंथ ‘संगीत दर्पण’ में 29 स्वरों (7 शुद्ध और 22 विकृत) का उल्लेख किया है।
नारद ने वीणा के कितने भेद बताए हैं?
17
18
11
उपर्युक्त में से एक से अधिक
उपर्युक्त में से कोई नहीं
1
नारद (Narada) ने अपने ग्रंथ ‘नारदीय शिक्षा’ में वीणा (Veena) के 18 भेद बताए हैं।
इनमें से कौन ध्रुपद वाणी के प्रवर्तक नहीं हैं?
तानसेन
श्रीचंद
समोखन खाँ
उपर्युक्त में से एक से अधिक
उपर्युक्त में से कोई नहीं
4
तानसेन (सेनिया वाणी), श्रीचंद (खंडार वाणी) और समोखन खाँ (डागुर वाणी) सभी ध्रुपद वाणी के प्रवर्तक/प्रसारक थे। अतः 'उपर्युक्त में से कोई नहीं' सही है।
कौथुमीय, राणायनीय और जैमिनीय किस वेद की शाखाएँ हैं?
ऋग्वेद
सामवेद
अथर्ववेद
उपर्युक्त में से एक से अधिक
उपर्युक्त में से कोई नहीं
1
कौथुमीय, राणायनीय और जैमिनीय सामवेद (Sāma Veda) की प्रमुख शाखाएँ हैं।
‘साम’ के कितने विकार माने जाते हैं?
7
3
6
उपर्युक्त में से एक से अधिक
उपर्युक्त में से कोई नहीं
2
‘साम’ (Sāma) के 6 विकार (परिवर्तन) माने जाते हैं: विकार, विश्लेषण, विकर्षण, अभ्यास, विराम और स्तोभ।
शाहजहाँ ने दीराम खाँ और लाल खाँ को कौन-सी उपाधि दी थी?
कंठाभरण
उस्ताद
गुणसमुद्र
उपर्युक्त में से एक से अधिक
उपर्युक्त में से कोई नहीं
2
शाहजहाँ ने दीराम खाँ और लाल खाँ को ‘गुणसमुद्र’ (Gunasamudra) की उपाधि दी थी। (तानसेन को अकबर ने ‘कंठाभरण वाणीविलास’ दिया था)।
राग की रंजकता बढ़ाने के लिए प्रयुक्त अवयव—
काकू
अंतरा
स्थायी
उपर्युक्त में से एक से अधिक
उपर्युक्त में से कोई नहीं
2
काकू (Kāku) का उपयोग राग की रंजकता (Ranjakata - मधुरता/आकर्षण) को बढ़ाने के लिए किया जाता है।
पार्श्वदेव ने ‘स्थायी’ के कितने लक्षण बताए?
4
6
8
उपर्युक्त में से एक से अधिक
उपर्युक्त में से कोई नहीं
0
पार्श्वदेव ने ‘स्थायी’ (Sthāyī) के 4 लक्षण बताए हैं।
‘क्षेत्र काकू’ का संबंध—
वाद्य-यंत्रों से
कंठ से
प्रादेशिक क्षेत्र से
उपर्युक्त में से एक से अधिक
उपर्युक्त में से कोई नहीं
2
‘क्षेत्र काकू’ (Kshetra Kāku) का संबंध प्रादेशिक क्षेत्र (Regional Area) की गायन शैली या भाव से होता है।
‘धैवत’ स्वर में किस रस की प्रधानता होती है?
श्रृंगार
वीभत्स
भयानक
उपर्युक्त में से एक से अधिक
उपर्युक्त में से कोई नहीं
3
धैवत (Dhaivata) स्वर में वीभत्स (Vibhatsa) और भयानक (Bhayānaka) दोनों रसों की प्रधानता होती है। अतः 'उपर्युक्त में से एक से अधिक' सही है।
इनमें से कौन-से स्वर ‘मेजर टोन’ के अंतर्गत आते हैं?
सा–म–प
नि–ग
रे–ध
उपर्युक्त में से एक से अधिक
उपर्युक्त में से कोई नहीं
0
सही उत्तर A. सा-म-प है, क्योंकि भारतीय संगीत में सा (षडज), म (मध्यम) और प (पंचम) शुद्ध स्वरों (major tones) में से हैं, जबकि "मेजर स्केल" (मेजर टोन) का निर्माण भी इन्हीं शुद्ध स्वरों से होता है।
रामामात्य ने ‘अन्तर गान्धार’ किस श्रुति पर रखा है?
11वीं
2री
6ठी
उपर्युक्त में से एक से अधिक
उपर्युक्त में से कोई नहीं
0
रामामात्य (Ramāmatya) ने 11वीं श्रुति पर ‘अन्तर गान्धार’ (Antara Gāndhāra) रखा है।
इनमें से कौन ‘अति-इष्ट’ स्वर है?
प
सा
ग
उपर्युक्त में से एक से अधिक
उपर्युक्त में से कोई नहीं
3
अति-इष्ट (Ati-Ishta - सबसे प्रिय) स्वर षड्ज (सा) और पंचम (प) दोनों को माना जाता है। अतः 'उपर्युक्त में से एक से अधिक' सही है।
निम्न में कौन टेम्पर्ड स्केल वाले वाद्य-यंत्र हैं?
हारमोनियम
सितार
पियानो
उपर्युक्त में से एक से अधिक
उपर्युक्त में से कोई नहीं
3
हारमोनियम और पियानो (Piano) दोनों ही टेम्पर्ड स्केल (Tempered Scale) वाले वाद्य-यंत्र हैं, जिनमें स्वरों की दूरी समान होती है। अतः 'उपर्युक्त में से एक से अधिक' सही है।
पुंडरिक विठ्ठल ने कितने मेल माने हैं?
19
15
20
उपर्युक्त में से एक से अधिक
उपर्युक्त में से कोई नहीं
0
पुंडरिक विठ्ठल (Pundarika Vittala) ने 19 मेल (थाट) माने हैं।
शुद्ध मध्यम वाले थाटों की संख्या कितनी है?
4
7
6
उपर्युक्त में से एक से अधिक
उपर्युक्त में से कोई नहीं
2
पं. भातखण्डे के 10 थाटों में 6 थाट शुद्ध मध्यम (Shuddha Ma) वाले हैं।
एक थाट से कुल कितने रागों की उत्पत्ति मानी जाती है?
264
484
108
उपर्युक्त में से एक से अधिक
उपर्युक्त में से कोई नहीं
2
एक थाट से कुल 108 रागों की उत्पत्ति मानी जाती है (औडव-औडव 9, षाडव-षाडव 9, सम्पूर्ण-संपूर्ण 9, औडव-षाडव 9 x 2, औडव-संपूर्ण 9 x 2, षाडव-संपूर्ण 9 x 2 = 108)।
पहले भारतीय कलाकार जिन्हें ‘ग्रैमी’ से सम्मानित किया गया—
एम. एस. सुब्बुलक्ष्मी
पं. रविशंकर
पं. भीमसेन जोशी
उपर्युक्त में से एक से अधिक
उपर्युक्त में से कोई नहीं
1
पंडित रविशंकर (Ravi Shankar) पहले भारतीय कलाकार थे जिन्हें ग्रैमी (Grammy Award) से सम्मानित किया गया था (1968)।
एम. राजम का संबंध किस वाद्य-यंत्र से है?
सारंगी
हारमोनियम
वायलिन
उपर्युक्त में से एक से अधिक
उपर्युक्त में से कोई नहीं
2
एम. राजम (M. Rajam) कर्नाटक संगीत के प्रसिद्ध वायलिन (Violin) वादक हैं।
‘सरस्वती वीणा’ को कर्नाटक संगीत में किस नाम से जानते हैं?
विपंची वीणा
ब्रह्म वीणा
तंजौरी वीणा
उपर्युक्त में से एक से अधिक
उपर्युक्त में से कोई नहीं
2
‘सरस्वती वीणा’ (Saraswati Vina) को 'तंजौर वीणा' (Tanjore Vina) या 'तंजावूर वीणा' भी कहा जाता है।
उस्ताद राशिद खाँ का संबंध—
गायन
वादन
नृत्य
उपर्युक्त में से एक से अधिक
उपर्युक्त में से कोई नहीं
0
उस्ताद राशिद खाँ (Rashid Khan) रामपुर सहसवान घराने के प्रसिद्ध गायक थे।
भारत में ‘कव्वाली’ के प्रचार-प्रसार का श्रेय—
अमीर खुसरो
मोइनुद्दीन
नायक बक्शु
उपर्युक्त में से एक से अधिक
उपर्युक्त में से कोई नहीं
0
भारत में ‘कव्वाली’ (Qawwali) के प्रचार-प्रसार का श्रेय अमीर खुसरो (Amir Khusro) को दिया जाता है।
भरत काल में ‘वाद्यवृंद’ को क्या कहा गया?
कुतुप
यम
पुष्कर
उपर्युक्त में से एक से अधिक
उपर्युक्त में से कोई नहीं
0
भरत मुनि के ‘नाट्यशास्त्र’ में ‘वाद्यवृंद’ (Musical Ensemble) को ‘कुतुप’ (Kutupa) कहा गया है।
‘ब्रह्म वीणा’ में तारों की संख्या—
21
9
7
उपर्युक्त में से एक से अधिक
उपर्युक्त में से कोई नहीं
2
‘ब्रह्म वीणा’ (Brahma Vīnā) एक प्राचीन वीणा है जिसमें 7 तार होते थे।
उस्ताद विलायत खाँ किस घराने से संबंधित हैं?
इटावा
रामपुर
आगरा
उपर्युक्त में से एक से अधिक
उपर्युक्त में से कोई नहीं
0
उस्ताद विलायत खाँ (Vilayat Khan) इटावा घराने (Etawah Gharana) के प्रसिद्ध सितार वादक थे।
सितार में कौन-सा तार ‘जोड़ी’ के तार से दुगना मोटा होता है?
6ठा तार
5वाँ तार
7वाँ तार
उपर्युक्त में से एक से अधिक
उपर्युक्त में से कोई नहीं
1
सितार में 5वाँ तार (पंचम का तार) जोड़ी के तार (6ठा तार) से दुगना मोटा होता है।
‘दण्डमात्रिक स्वरलिपि’ के आविष्कारक—
रवीन्द्रनाथ टैगोर
भातखंडे
क्षेत्रमोहन गोस्वामी
उपर्युक्त में से एक से अधिक
उपर्युक्त में से कोई नहीं
2
‘दण्डमात्रिक स्वरलिपि’ (Dandamātrika Swaralipi) के आविष्कारक क्षेत्रमोहन गोस्वामी (Kshetramohan Goswami) हैं।
टेम्पर्ड स्केल में प्रत्येक स्वरों की दूरी—
25 सेंट्स
201 सेंट्स
200 सेंट्स
उपर्युक्त में से एक से अधिक
उपर्युक्त में से कोई नहीं
2
इक्वली टेम्पर्ड स्केल (Equally Tempered Scale) में प्रत्येक अर्ध-स्वर (Semitone) की दूरी 100 सेंट्स होती है, और प्रत्येक पूर्ण-स्वर (Tone) की दूरी 200 सेंट्स होती है।
मतंग ने ‘ध्रुपद’ गीत को किस नाम से संबोधित किया है?
भिन्ना
शुद्धा
चोच्छा
उपर्युक्त में से एक से अधिक
उपर्युक्त में से कोई नहीं
2
मतंग (Matanga Muni) ने ‘ध्रुपद’ के प्रारंभिक रूप को ‘चोच्छा’ (Chocchā) गीत के नाम से संबोधित किया है।
किस गायन शैली में ‘आकार’ की तानें वर्जित मानी जाती हैं?
खयाल
चैती
ध्रुपद
उपर्युक्त में से एक से अधिक
उपर्युक्त में से कोई नहीं
2
ध्रुपद (Dhrupad) गायन शैली में ‘आकार’ (A-kār) की तानें वर्जित मानी जाती हैं।
मल्लिका साराभाई ........ के विख्यात नृत्यांगना है।
कुचिपुड़ी
मणिपुरी
भरतनाट्यम
उपर्युक्त में से एक से अधिक
उपर्युक्त में से कोई नहीं
3
मल्लिका साराभाई (Mallika Sarabhai) भरतनाट्यम और कुचिपुड़ी दोनों की विख्यात नृत्यांगना हैं। अतः 'उपर्युक्त में से एक से अधिक' सही है।
हुँम्फित, नामित और कुरूल यह किसके प्रकार हैं?
ताल
गमक
वर्ण
उपर्युक्त में से एक से अधिक
उपर्युक्त में से कोई नहीं
1
हुँम्फित, नामित (Nārmita) और कुरूल (Kurula) तीनों ही गमक (Gamaka) के 15 प्रकारों में शामिल हैं।
संवाद स्वरों का वादन क्या कहलाता है?
मेलोडी
वीवो
हार्मनी
उपर्युक्त में से एक से अधिक
उपर्युक्त में से कोई नहीं
2
एक साथ बजने वाले संवाद स्वरों का वादन 'हार्मनी' (Harmony) कहलाता है।
ग्रह कितने प्रकार के बताए गए हैं -
3
2
4
उपर्युक्त में से एक से अधिक
उपर्युक्त में से कोई नहीं
2
ग्रह (Graha) के चार प्रकार बताए गए हैं: सम, विषम, अतीत, और अनागत।
राग के कितने अंग माने गए हैं -
3
8
4
उपर्युक्त में से एक से अधिक
उपर्युक्त में से कोई नहीं
2
राग के चार मुख्य अंग हैं: स्वर, विभाग (आरोह-अवरोह), वादी-संवादी और ताल।
एक स्वर को अनेक प्रकार से द्रुत गति में बजाया जाना क्या कहलाता है?
अलाप
गत
झाला
उपर्युक्त में से एक से अधिक
उपर्युक्त में से कोई नहीं
2
द्रुत गति में तानों को बजाना 'झाला' कहलाता है।
कर्नाटक संगीत के अग्रणी वास्तुकार किस विद्वान को माना जाता है?
त्यागराज
मुथुस्वामी
श्यामा शास्त्री
उपर्युक्त में से एक से अधिक
उपर्युक्त में से कोई नहीं
0
संत त्यागराज (Tyagaraja) को कर्नाटक संगीत का ‘आंध्र कवि’ और अग्रणी वास्तुकार माना जाता है।
माधव संगीत विद्यालय की स्थापना किनके द्वारा की गई थी?
भातखंडे
पलुस्कर
रवि शंकर
उपर्युक्त में से एक से अधिक
उपर्युक्त में से कोई नहीं
0
माधव संगीत विद्यालय (Madhav Sangeet Vidyalaya) की स्थापना पं. विष्णु नारायण भातखंडे (V. N. Bhatkhande) ने ग्वालियर में की थी।
पंडित रविशंकर को उनके किस एल्बम के लिए ग्रैमी पुरस्कार से सम्मानित किया गया था?
गांधी
वेस्ट मीट्स ईस्ट
जय हो
उपर्युक्त में से एक से अधिक
उपर्युक्त में से कोई नहीं
1
पं. रविशंकर को उनके एल्बम 'वेस्ट मीट्स ईस्ट' (West Meets East) के लिए ग्रैमी पुरस्कार मिला था।
मातंग ने धमार गायन शैली को किसकी संज्ञा दी है?
शुद्धा
भिन्ना
बेसरा
उपर्युक्त में से एक से अधिक
उपर्युक्त में से कोई नहीं
1
मातंग मुनि ने ‘भिन्ना’ (Bhinnā) गीति को ही धमार (Dhamar) गायन शैली की संज्ञा दी है।
यति किसे कहते हैं -
ताल के 10 प्राण को
लय के चालक्रम को
गमक के 15 प्रकार को
उपर्युक्त में से एक से अधिक
उपर्युक्त में से कोई नहीं
1
यति (Yati) ताल के 10 प्राणों में से एक है, जो ‘लय के चालक्रम’ को दर्शाता है।
आड़ की लयकारी को क्या कहा जाता है?
सवागुन
पौने दो गुन
डेढ़गुन
उपर्युक्त में से एक से अधिक
उपर्युक्त में से कोई नहीं
2
आड़ (Aad) की लयकारी को 1½ गुना या ‘डेढ़गुन’ (Dedh Gun) कहा जाता है।
बसंत ताल में कितनी मात्राएं होती है?
9
11
16
उपर्युक्त में से एक से अधिक
उपर्युक्त में से कोई नहीं
0
बसंत ताल (Basant Taal) में 9 मात्राएं होती हैं।
धमार ताल की पहली विभाग में कितनी मात्राओं का समावेश होता है?
4
14
5
उपर्युक्त में से एक से अधिक
उपर्युक्त में से कोई नहीं
2
धमार ताल (Dhamar Taal) के चार विभाग 5-2-3-4 हैं। इसलिए पहली विभाग में 5 मात्राओं का समावेश होता है।
6 राग और 36 रागिनियो का वर्णन राग रागिनी वर्गीकरण के किस मत में मिलता है?
शिव मत
हनुमान मत
कल्लीनाथ मत
उपर्युक्त में से एक से अधिक
उपर्युक्त में से कोई नहीं
3
6 राग और 36 रागिनियाँ (प्रत्येक राग की 6 रागिनियाँ) मानने वाले मतों में हनुमान, कल्लिनाथ, और सोमेश्वर मत प्रमुख हैं। अतः 'उपर्युक्त में से एक से अधिक' सही है।
अलंघन और अभ्यास यह किसके प्रकार हैं?
अल्पत्व
बहुत्व
शुक्ष्मतम
उपर्युक्त में से एक से अधिक
उपर्युक्त में से कोई नहीं
1
अलंघन (Alanghan) और अभ्यास (Abhyāsa) ‘बहुत्व’ (Bhutwa - अधिक प्रयोग) के प्रकार हैं।
मतंग मुनि ने कितने गीति माने हैं?
5
4
7
उपर्युक्त में से एक से अधिक
उपर्युक्त में से कोई नहीं
2
भरत मुनि ने 5 गीति मानी थी, लेकिन मतंग मुनि ने कुल 7 गीति (शुद्धा, भिन्ना, गौड़ी, रागगीति, साधारणी, भाषा गीति और विभाषा गीति) मानी थीं।
भरत ने अलंकारों की संख्या कितनी बताई है?
33
64
49
उपर्युक्त में से एक से अधिक
उपर्युक्त में से कोई नहीं
0
भरत मुनि ने ‘नाट्यशास्त्र’ में 33 अलंकारों (Alankars) का वर्णन किया है।
भैरवी राग के संदर्भ में कौन सा कथन सही है?
यह संकीर्ण राग के अंतर्गत आता है
इसका वादी संवादी म और स्प्र है
यह संधि प्रकाश राग है
उपर्युक्त में से एक से अधिक
उपर्युक्त में से कोई नहीं
3
भैरवी (Bhairavi) संकीर्ण राग है क्योंकि यह कई रागों की छाया दिखाता है; इसका वादी-संवादी मध्यम (म) और षड्ज (सा) है; और यह प्रातःकालीन संधि प्रकाश राग है। अतः 'उपर्युक्त में से एक से अधिक' सही है।
राग पीलू के संदर्भ में कौन सा कथन सही नहीं है?
यह काफी थाट का राग है
यह संकीर्ण राग के अंतर्गत आता है
यह संधि प्रकाश राग है
उपर्युक्त में से एक से अधिक
उपर्युक्त में से कोई नहीं
2
राग पीलू (Pilu) काफी थाट का संकीर्ण राग है, लेकिन यह दिन/रात के किसी भी समय गाया जा सकता है, न कि विशेष रूप से संधि प्रकाश (Sandhi Prakash) राग है। इसलिए ‘यह संधि प्रकाश राग है’ कथन सही नहीं है।
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\u092A\u094D\u0930\u092E\u093E\u0923 \u092A\u0924\u094D\u0930
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\u0906\u092A\u0915\u093E \u0909\u0924\u094D\u0924\u0930:
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/
\u0905\u0938\u092B\u0932 (FAIL)
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\u0936\u094D\u0930\u0947\u0937\u094D\u0920 (TOP)
\u0938\u0930\u094D\u0935\u0936\u094D\u0930\u0947\u0937\u094D\u0920 (TOPPER)
✓ \u0938\u0924\u094D\u092F\u093E\u092A\u093F\u0924
\u0917\u094D\u0930\u0947\u0921\u093F\u0902\u0917 \u092E\u093E\u0928\u0926\u0902\u0921
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\u0938\u092B\u0932 (PASS)
\u0905\u0938\u092B\u0932 (FAIL)